पंकज चौधरी

पंकज चौधरी की पांच कविताएं

आह...एक सत्यकथा

उसकी जवानी के रास्ते में 
सबसे पहले उससे एक मुसलमान टकराया  
जो उसकी जुल्फों का कैदी होना चाहता था 
लेकिन उसने उसको सूअर कह दिया  

फिर 
एक संथाल आदिवासी उस पर मरने लगा 
जो उसके जूड़े में 
अरहूल का फूल खोंसना चाहता था  
लेकिन उसने उस पर कीचड़़ फेंक दिया  

फिर
एक दलित क....

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