मुकुल जोशी

राडो

ब्रीफ केस पकड़ घर से निकला ही था कि किचन से बदहवासी में भागते हुए पत्नी दरवाजे तक आई और बोली-‘आज तो जरूर ही अपनी छुट्टी का फाइनल करके आना, शादी के कम दिन रह गए हैं, लखनऊ जाना है।’
‘ओके’-कहकर मैं स्कूटर स्टार्ट कर ऑफिस के लिए चल दिया। 
ऑफिस में घुसते ही मुझे टेबल पर रखी लीव एप्लीकेशन फाइल दिखी। करीब दस दिन पहले अपने सीनियर ऑफिसर लेफ्रिटनेंट कर्नल देशमुख को पुट अ....

Subscribe Now

पूछताछ करें