पंकज शर्मा

हिंदी संसार में पुरस्कारों की महिमा

हिंदी संसार में पुरस्कारों की महिमा अपरंपार है। पुरस्कार लेन-देन के चलते इस परिसर में आए दिन जोड़-तोड़ का दृश्य दिखाई पड़ता है। पुरस्कारविहीन लेखक अकसर औसत दर्जे का समझा जाता है। फिर पुरस्कार से लैश वही औसत दर्जे का लेखक असाधारण बन जाता है। कुछ पुरस्कार की घोषणा होते ही कई बार ऐसा भयानक तूफान उमड़ता है कि मानो पुराना सब कुछ ले उड़ेगा। पिछले साल (2022) गीतांजलि श्री को बुकर मिल....

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