अनिल अग्निहोत्री

सामाजिक सरोकारों से लैस कहानियां

पद्मश्री मालती जोशी हिंदी के उन विरल कथाकारों में हैं जो कहानी लिखने के साथ-साथ कथा कथन भी करती हैं। अप्रतिम स्मरण शक्ति के आलोक में आरोह और अवरोह के साथ जिस तरह वे कहानियों को पढ़ती है वह किसी कौतूहल से कम नहीं लगता। लेखन-यात्र की अर्ध शताब्दी पूर्ण कर जिस सक्रियता से वे अपने पाठकों से जुड़ी हुई हैं-वह उनके कथा कौशल का सुपरिणाम है। रचाव और पाठकों से जुड़ाव यही उनका मूलधन है....

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