ज्योति रीता

ज्योति रीता की दो कविताएं

मेरे प्रिय जनवादी कवि

तुम्हारे पास एक वातानुकूलित कमरा है 
तुम उस कमरे में बैठकर बदलाव की बात करते हो 
 
सिरेमिक मग में कॉफी पीते हुए 
तुम भूख पर बात करते हो 
 
ए-सी- गाड़ी में सफर करते हुए 
तुम जनरल डिब्बे की बात करते हो 
 
थाली में छप्पन भोग चखते हुए 
तुम दाल-रोटी की महंगाई पर बात करते हो 
 
बच्चों के लिए....

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