कुमार्ग से सन्मार्ग तक 

कुमार्ग से सन्मार्ग तक 

आष्टावक्र और जनक के मध्य संवाद चल रहा है। महाप्रतापी सम्राट जनक एक आठ बरस के बालक अष्टावक्र से जीवन जीने की कला सीखने का ज्ञान मांग रहे हैं। पूछ रहे हैं कि ज्ञान कैसे प्राप्त होगा? मुक्ति कैसे मिलेगी? बालक अष्टावक्र जनक की सभी जिज्ञासाओं का उत्तर बड़ी सहजता के साथ दे रहे हैं। वे कहते हैंः    
उच्छ....

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