मधु कांकरिया

हर रंग में ढाका

लेकिन महमूद भाई की छुट्टी लेने का कारण दूसरा था। उनकी बॉटनी में एमएससी लड़की को देखने के लिए लड़के वाले आ रहे थे। लड़का स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक में अफसर था। लगभग सभी बातों पर सहमति बन गई थी। देनमोहर (मेहर) की राशि दोनों परिवार ने मिलकर दस लाख तय कर रखी थी। बस लड़का लड़की को पसंद कर ले तो इसी साल वे लड़की का निकाह कर दें। जाते वक्त कहा उन्होंने ‘दुआ कीजिए आंटी, यह काम ह....

Subscribe Now

पूछताछ करें