रामचंद्र ओझा

वन मैन आर्मी

माउंट बैटन ने 26 अगस्त 1945 को गांधी को ‘वन मैन आर्मी’ कहा था। भारत विभाजन के बाद पंजाब में भड़के दंगे को दबाने का जो काम अंग्रेजों की 30000 की बोर्डर सेना नहीं कर पा रही थी, वह बंगाल में गांधी अकेले कर रहे थे। एक व्यक्ति की सेना थे गांधी। 
नेता तो और भी थे, उदारवादी भी बहुत थे और वे भी थे जो उन पर आरोप लगाते थे किंतु यह साहस और सामर्थ्य केवल गांधी में ही था। यह चमत्का....

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