मार्टिन जॉन 

राजधानी कब आएगी? 

माइनर पेनाल्टीज चार्जशीट को वह एकटक ऐसे घूर रही थी मानो कोई अनचाही चीज सामने आ पड़ी हो---अक्सर ऐसा होता है, सुकून भरा और खुशनुमा माहौल में दखल देने वाली कोई अप्रिय चीज अकस्मात् आ जाती है, जिसे छूने और देखने को कतई मन नहीं करता, लेकिन बेदिली से छूना और देखना पड़ता है, कभी जबरदस्ती तो कभी मजबूरी में। 
रेलवई शैली में, अंग्रेजी भाषा में मुद्रित चार्जशीट को एकबार प....

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