भारत भारद्वाज

धरोहर

-नामवर सिंह



हिंदी में यात्रा वृत्तांत अथवा सफरनामा लिखे तो गए हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर वर्णनात्मक हैं। बहुत कम ऐसे हैं जिन्हें साहित्यिक अथवा कलात्मक वृत्तांत की श्रेणी में रखा जा सकता है। इस दृष्टि से असग़र वजाहत का यह सफरनामा ‘चलते तो अच्छा था’ बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। वैसे भी वजाहत बहुत अच्छे कथाकार हैं। उनके कई कहानी-संग्रह और उपन....

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