आदित्य अभिनव

असग़र वजाहत की कहानियों में मनोवैज्ञानिकता

 हिंदी कथा साहित्य के सरताज़ प्रेमचंद ने कहा है “ सबसे उत्तम कहानी वह होती है, जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर हो।‘’ 1 प्रत्येक रचनाकार अपने मानसिक अभावों की पूर्ति कला-जगत् के संसार में करता है। वह अपने व्यक्तित्व की अपूर्णता या लघुता को किसी पात्र-विशेष में पूर्णता या असीमित भाव में  देखना चाहता है। वह अपने आंतरिक तथा बाह्य परिवेश को अपनी रचनाओं में स्थान ....

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