अर्पण कुमार

असग़र वजाहत की कहानियाँ : अंतर्पाठ और अंतर्दृष्टि

असग़र वजाहत का उपन्यासकार एवं कहानीकार पक्ष , भारतीय कथाजगत में निश्चय ही एक हस्तक्षेपकारी और सशक्त पक्ष है। उनकी कहानियों की अंतर्वस्तु जितनी सामाजिक है उतनी ही राजनीतिक भी। उनके कहन के भीतर व्यंग्य की अनूठी और मारक क्षमता है। भाषा, इसमें उनकी एक मददगार टूल के रूप में सामने आती है। उनके पात्र जिस आमफ़हम भाषा का इस्तेमाल करते हैं और बहुधा गालियाँ देते दिखते हैं, वे दरअसल ....

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