असग़र वजाहत

इब्बार रब्बी का स्कूटर

ये स्कूटर है 
हां ये स्कूटर है 
दो पहिए हैं
चलता है 
पर मुझसे नहीं 
चलता है दूसरों से 
मुझे दो लत्ती मारता है 
मेरा है 

ये सिर्फ स्कूटर नहीं है 
यह पछतावा है 
शर्मिंदगी की हंसी है 
ऊब की मुस्कुराहट है 
इसे देख कर 
पता नहीं कितनी बार सिर खुजाया है 

अब मैं इसे नहीं 
यह मुझे चलाता ह....

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